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समायोजन ( Adjustment) का अर्थ ,परिभाषा और महत्व |


                 Adjustment ( समायोजन )

अर्थ–: व्यक्ति  वातावरण में अपनी आवश्यकताओं के साथ तालमेल बैठता है इसे समायोजन कहा जाता है।

बिकती का स्थाई समायोजन प्रकृति ,जीवन और पर्यावरण के साथ है।

स्मिथ के अनुसार:–"अच्छा समायोजन हुआ है, जो यथार्थ पर आधारित था संतोष देने वाला होता है।”

  According to Smith:– “a good adjustment is one that is based on reality and its satisfying"

 According to Shaffer  " Adjustments is  a process by which living organism maintains a balance between it is need and cirumstances inference the satisfaction of these needs.

शेफर के अनुसार “समायोजन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक जीवित व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं और इन  आवश्यकताओं की संतुष्टि को प्रवाहित करने वाली परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखता है।




Educational importance(समायोजन का शैक्षिक महत्व)

1. टकराव से बचाता है।
2. तरकी की ओर ले जाता है।
3. व्यक्ति की ऊर्जा का उपयोग सही कार्यों में होता है।
4. समायोजन की कमी नकारात्मक परिस्थितियों को जन्म देती है।




          कुसमायोजन  (Maladjustment)       

अर्थ:–यदि कोई व्यक्ति वातावरण में अपनी
आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पाता हो वह  कुसमायोजन को दर्शाता है|

 परिभाषा :- 

जेम्स ड्रेवर के अनुसार :- कुसमायोजन    किसी  व्यक्ति  कि वह  दशा है ,जो अपने  भौतिक व्यावसायिक तथा समाजिक पर्यावरण के साथ  अनिकुल नही कर पाता है |
कुसमायोजन के तत्व (elements of Mal–adjustment):–

1. तनाव (stress):–जब व्यक्ति वातावरण और मांग के अनुरूप कार्य नहीं कर पाता है तो वह तनाव में आ जाता है।

2. दवेष /चिंता(Hatred/warry):–व्यक्ति वातावरण और परिस्थिति के अनुसार अपने आप को बदल नहीं पाता तो उसमे दवेष/चिंता जागृत हो जाती है।

 3.दबाव(Compression):–दबाव प्रति प्रतियोगिताओं के कारण होता है आत्मसम्मान के लिए व्यक्ति दबाव में आ जाता है।

4.  कुंठा (frustration):-किसी की इच्छा में बाधा आने से उसकी उम्मीद  खत्म हो जाना कुंठा कहलाती है।

5.Conflict:-जब एक ही समय में दो शक्तियां  जागृत हो जाती है तब व्यक्ति के अंदर conflict उत्पन्न हो जाता है।

  सुरक्षा युक्तियां (defence mechanism)

:- यह एसी युक्तियां होती है जिसमें व्यक्ति विशेष परिस्थिति में अपनी चिंता और कमियों से मुक्ति पाने के लिए अस्थाई कवच को साधन के रूप में इस्तेमाल करता है।
जैसे: –कोई व्यक्ति आईएएस बनना चाहता है वह बन नहीं पाया तो आईपीएस बन गया जिससे वह एक अस्थाई कवच के रूप में इस्तेमाल किया।

         समायोजन करने के लिए व्यक्ति जिन सुरक्षा युक्तियां का सहारा लेता है वह दो प्रकार की होती है– 

1. प्रत्यक्ष विधि ( direct method):–तनाव को कम करने के लिए प्रत्यक्ष उपाय वह हैं जिन्हें व्यक्ति उचेत्म रूप में अपनाता है।
2.अप्रत्यक्ष(Indirect method):- तनाव को  कम करने के लिए अप्रत्यक्ष उपाए वे है जिन्हें व्यक्ति अचेतन  रूप में अपनाता है | जो इस प्रकार है -

a. तर्क संगति(Rationalisation):–इसमें कोई व्यक्ति अपनी बात को सही ठहराने के लिए झूठे कारण और प्रतिक्रिया देता है ।जैसे–पेपर पास ना होने पर अध्यापक को गलत ठहराना इत्यदि 
।
b. दमन (repression):–इसमें व्यक्ति के कष्टदायक यादें विचार या भावना अचेतन मन में चली जाती है।

c. शमन (suppression):–जब व्यक्ति की कोई इच्छा पूरी नहीं होती तो वह forcefully उस इच्छा को भुला देता है। 
d.क्षतिपूर्ति (Compensation):- इसमे व्यक्ति एक क्षेत्र कि कमियों या असफलताओंको दुसरे क्षेत्र से पूरा करता है| 
जैसे -कम लम्बाई वाली लड़की द्वारा ऊँची heel वाली sandal पहनना |
e . आत्मीकरण (Identification ):-इसमे व्यक्ति  किसी दुसरे व्यक्ति के व्यक्तित्व से प्रभावित हिकार खुद को उसके व्यक्तित्व में ढालने का प्रयास करता है | 

जैसे - विराट कोहली को देख कर लड़के BIARD  रखना शुरू कर  देते है |

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