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मानव विकास की समझ (understanding development of human)

  •  अभिवृद्धि 
  •  परिपक्वता
  • विकास
    
 Growth ( अभिवृद्धि ):–कोशिकाओं की संख्यात्मक, गुणात्मक वृद्धि जिससे ऊंचाई, भार,चौड़ाई  आदि मे वृद्धि होती है।
  
 फ्रैक के अनुसार ,“कोशिकीय  गुणात्मक वृद्धि अभिवृद्धि है।”  
 “cellular multiplication is growth.”
    जीवन में परिवर्तन का प्रमुख आधार वृद्धि एवं विकास होता है।

Maturation (परिपक्वता ):–एक क्रिया का  अपने आप में पूर्ण होना है जिसके अधार पर नवीन क्रिया सीखी जा सके परिपक्वता कहलाती है। विकास क्रम में जब एक क्रिया अपने आप में पूर्ण होती है तभी दूसरी प्रारंभ होती है। जैसे –बालकों को उंगलियों पर नियंत्रण परिपक्वता से आता है।
        विकास क्रम शरीर के   अवयवो  मेे किसी नविन क्रिया  को सीखने की तत्परता उत्पन्न होती है। यही तत्परता परिपक्वता है।
Development( विकास)  :–हरलाक के अनुसार,“– विकास वृद्धि तक सीमित नहीं है, इसकी अपेक्षा इसमें परिपक्वता  अवस्था की लक्ष्य की ओर परिवर्तनों का गतिशील क्रम निहित है। विकास के परिणाम स्वरूप व्यक्ति में नई-नई विशेषताएं प्रकट होती है।”

              टायलर के अनुसार,:–“विकास एक दिशा की ओर जाने वाला मार्ग है।”

                    विकास जीवन प्रयत्न कर्मानुसार चलने वाली प्रक्रिया है। बालक का विकास एकीकृतहोता है। वृद्धि का विकास बालक की गर्भाधान से ही प्रारंभ हो जाता है। विकास में प्रत्येक जाति का अपना प्रतिमान होता है
           वृद्धि पर शिक्षण और प्रशिक्षण का प्रभाव है प्रभाव नहीं पड़ता है। अध्यापक बालक के सर्वांगीण विकास में तभी योगदान कर सकता है जब वह वृद्धि और विकास की अवस्था में सिद्धांत को भलीभांति समझ ले इस ज्ञान के अधार पर ही वह बालक में होने वाले परिवर्तनों के अनुसार अपनी शिक्षण प्रणाली को विकसित कर सकता है।

वृद्धि और विकास में अंतर (difference between growth and development)

वृद्धि और विकास में अंतर इस प्रकार है–

                   

वृद्धि

1.इसमे शारीरिक एवं व्यवहारिक  वृद्धि

होती है |

2.इसमे शारीरिक एवं मानसिक परिपक्वता होती

है |

3.वृद्धि का मापन किया जाता है |

4.इसमे व्यक्तिगत भेद होता है |

 

5.यह संकुचित क्षेत्र मे है |

6.वृद्धि विकास के बिना संम्भव है |

 

7.वृद्धि में होने वाले परिवर्तन  परिणत्मक होते है |

 

8.वृद्धि में होने वला परिवर्तन प्रत्यक्ष होता है |

विकास    

1.इसमे परिवर्तन शारीरिक ,मानसिक व्यवहारिक संगठन से होता है | 

2.इसमे वातावरण से संबंधित योगता एवं संवनय होता है | 

3.विकास का मूल्यांकन करना होता है |

4.विकास  समानता होती है,केवल दर  में अंतर होता है।

5.यह व्यापक होता है |

6.विकास वृद्धि के बिना संभव हो भी सकती  है और नहीं भी ।

7.विकास में होने वाला परिवर्तन परिणात्मक और गुणात्मक दोनों होते है।

8.विकास में होने वाला  परिवर्तन  अधिकांस परेक्ष होता है |

 

 

                                                   

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