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मानव विकास की समझ (understanding development of human)

 अभिवृद्धि    परिपक्वता विकास       Growth ( अभिवृद्धि ):–कोशिकाओं की संख्यात्मक, गुणात्मक वृद्धि जिससे ऊंचाई, भार,चौड़ाई  आदि मे वृद्धि होती है।     फ्रैक के अनुसार ,“कोशिकीय  गुणात्मक वृद्धि अभिवृद्धि है।”    “cellular multiplication is growth.”     जीवन में परिवर्तन का प्रमुख आधार वृद्धि एवं विकास होता है। Maturation (परिपक्वता ):–एक क्रिया का  अपने आप में पूर्ण होना है जिसके अधार पर नवीन क्रिया सीखी जा सके परिपक्वता कहलाती है। विकास क्रम में जब एक क्रिया अपने आप में पूर्ण होती है तभी दूसरी प्रारंभ होती है। जैसे –बालकों को उंगलियों पर नियंत्रण परिपक्वता से आता है।         विकास क्रम शरीर के   अवयवो  मेे किसी नविन क्रिया  को सीखने की तत्परता उत्पन्न होती है। यही तत्परता परिपक्वता है। Development( विकास)  :– हरलाक के अनुसार,“– विकास वृद्धि तक सीमित नहीं है, इसकी अपेक्षा इसमें परिपक्वता  अवस्था की लक्ष्य की ओर परिवर्तनों का...

MEANNG OF LEARINNG(अधिगम का अर्थ एवं परिभाषा )

 Meaning of Learning(अधिगम का अर्थ ) :-अधिगम शब्द अंग्रेजी  के Learning का हिंदी रूपांतरणहै ,जिसका अर्थ है, knowledge Acquired  by study  from instruction . अधिगम को शिक्षा मनोविज्ञान का दिल कहा गया है | अधिगम को शिक्षा के क्षेत्र में  विशेष स्थान बताया गया है |क्योंकि शिक्षा का सर्वप्रथम उदेश्य ही सीखना है |अधिगम को हम सिखने के नाम से भी जानते है |सभी प्राणियों के समान मानव भी पृथ्वी पर जन्म लेते है ,जन्म के समय  वह असहाय स्थिति में होते है, क्रियाओं प्रतिक्रियों एवं अनुभूतियों से उसके व्यवहार में परिवर्तन ( change ) होते रहते है व्यवहार करते हुए बालक विकास के पथ पर आगे बढ़ता है |              अत: अभ्यास या अनुभव के कारण व्यहार में हुए सापेक्ष रूप से स्थाई  परिवर्तन   को ही अधिगम कहते है | NOTE:- थकान,संवेगात्मकस्थिति , मादक पदार्थ का सेवन आदि के कारण होने वाला व्यवहार परिवर्तन अधिगम  नही कहलाता है | हम अधिगम को इस उदाहरण द्वारा और अच्छे से समझ  सकत है – एक छोटा बच्चा जलती हुई मोमबत्ती को हाथ लग...

NCF2005?(NCF2005 क्या है?) और इसके मरगदर्शी सिद्धांत?

NCF2005 :-सबसे पहले तो इसका Full form है, National  Curriculum Framework2005 ( NCF2005 ),और इसे हिंदी में रास्ट्रीय पाठ्यचर्याकी रुपरेखा कहते है| NCF2005 चौथा  रास्ट्रीय पाठ्यचर्या2005 है,NCERT(National Council of Educational Research and Training)                                               रास्ट्रीय पाठ्यचर्या की रुपरेखा2005 एक एसा दस्तावेज है| जिसमें एसे विषयों पर चर्चा कि  गई है| कि बालको को क्या , क्यों   और किस   प्रकार से पढ़ाया  जाना चाहिए | रास्ट्रीय पाठ्यचर्या रुपरेखा 2005 कि उत्पति रवीन्द्रनाथ टैगोर के सभ्यता और प्रगति " नामक निबंध से हुई है | जिसमे उन्होंने  लिखा था कि कैसे पाठ्यचर्या होनी  चहिये  बच्चो को कैसे पढाना चाहिए  एन सभी के विषय में एस निबन्ध में लिखा हुआ था | जिसमे उन्होंने बताया है कि सृजनात्मकता (Creative) उदार  आनंद बचप बच्चपन  कि कुंजी है | रास्ट्रीय पाठ्यचर्या कि रुपरेखा 2005 का अ...

RELATION BETWEEN EDUCATION AND PSYCHOLOGY (शीक्षा व मनोविज्ञान में सम्बन्ध) & CONTRIBUTION OF PSYCHOLOGY IN EDUCATION(मनोविज्ञान का शिक्षा में योगदान)

   Relation between education and psychology (शिक्षा और मनोविज्ञान में संबंध)— शिक्षा मनुष्य की जन्मजात शक्तियों का विकास उसके ज्ञान मे वृद्धि   एवं व्यवहार में परिवर्तन लाती है,जबकि मनोविज्ञान मनुष्ययों को व्यवहार करको, प्रेरकों एवं नियतांक तत्वों का अध्ययन करता । इस प्रकार शिक्षा और मनोविज्ञान का संबंध मानव व्यवहार परिमार्जन है।    क्रो एवं क्रो के अनुसार “शिक्षा मनोविज्ञान व्यक्ति के जन्म से वृद्धावस्था तक सीखने की अनुभवो का वर्णन  एवं व्याख्या करता है ।”   According to crow and crow –“education psychology describe and explain the learning experience of individual from birth through old age"   ‘शिक्षा’ और ‘मनोविज्ञान’को जोड़ने वाली कड़ी है–‘मानव व्यवहार’। इस संबंध में कुछ विद्वानों के विचार दृस्त्व्य हैं—   1. ब्राउन (Brown)–“ शिक्षा   वह प्रक्रिया  है  जिसके द्वारा व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन किया जाता है।”   2. पिल्सबरी (Pillsbury)–“मनोविज्ञान –मानव व्यवहार का विज्ञान  है।”   3. स्किनर ( Sk...

JUVENILE DELINQUENCY (बाल –अपराध )

Meaning and Definition of Delinquency (बाल अपराध का अर्थ व परिभाषा )    किशोर अपराध और बाल अपराध लगभग एक समान प्रत्यय हैं,किंतु कुछ लोग बाल अपराध पर अधिक बल देते हैं, अतः उस पर पृथक से विचार किया जा रहा है।      वर्तमान समय में हम देखते हैं, की बालकों में भी कानून का उल्लंघन करने की प्रवृत्ति का विकास होता जा रहा है ।  वयस्क जब अपराध करते हैं, तो उन्हें जेल भेजने का प्रयत्न किया जाता है।कुछ समय पूर्व बालकों को भी अपराध करने पर जेल भेजा जाता था, किंतु लोगों ने इस समस्या पर विचार करना प्रारम्भ कर दिया। अखिल बालक अपराध क्यों करते हैं? समाजशास्त्रियों एवं मनोवैज्ञानिकों ने इन प्रश्नों का उत्तर खोजने का प्रयत्न किया है। इसलिए हम बाल अपराध के कारणों पर विचार करेंगे किंतु कारणों को जानने से पहले बाल अपराध को समझना अत्यंत आवश्यक है।    What is child Delinquency?(बाल अपराध क्या है?) सभ्यता के पथ पर बढ़ते हुए समाज ने अपने अंदर अनेकों परिवर्तन किये हैं।समाज का उचित संचालन करने के लिए समाज ने स्वयं ही कुछ नियमों का निर्माण किया है।इन नियमों का पालन करना समाज ...

EDUCATION AND PSYCHOLOGY: MEANING AND DEFINITION (शिक्षा व मनोविज्ञान : अर्थ व परिभाषा)

“Educational theory and psychology have been and are advancing hand–in–hand.”                                                         —  Ross ‘ शिक्षा ’शब्द का स्पष्टीकरण  (1) शिक्षा का शाब्दिक अर्थ —‘शिक्षा शब्द को तीन अर्थों में प्रयुक्त करते हैं–ज्ञान,  विषय  प्रक्रिया। जैसे –इस व्यक्ति ने बी.  एस–सी. की हुई है, या ज्ञान एक सामान्य स्तर को व्यक्त करता है; इस  व्यक्ति ने एम. एस–सी.‘बोटनी’ की हुई है, जो विषय विशेष को व्यक्त करता  है  और जब हम कहें कि शिक्षा द्वारा व्यक्ति की अंतर्निहित शक्तियों का विकास किया जा रहा है, तो यहां शिक्षा शब्द एक प्रक्रिया को व्यक्त करता है। शिक्षा शब्द की व्युत्पत्ति ‘शिक्ष’ धातु से हुई है जिसका अर्थ है–सीखना, विद्या प्राप्त करना या ज्ञान ग्रहण करना। ‘विद्या’ शब्द का प्रयोग भी शिक्षा के  ही अर्थ में किया जाता है। विद्या शब्द की व्युत्पत्ति  ‘विद्’ धातु से हुई है।विद्...

Chief Characteristics of Adolescence ( किशोरावस्था की मुख्य विशेषताएं )

 किशोरावस्था को दबाव ,तनाव एवं तूफान की अवस्था माना गया है। इस अवस्था की विशेषताओं को एक शब्द ‘परिवर्तन’ ( change) में व्यक्त किया जा सकता है।             * विग व हण्ट * के  शब्दों में –“किशोरावस्था किशोरावस्था की विशेषताओं को सर्वोत्तम रूप से व्यक्त करने वाला एक शब्द है—‘परिवर्तन’। परिवर्तन —शारीरिक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक होता है।”( “The one word which best characterizes Adolescence is change .The change is physiological, sociological and physiological.") इनसे संबंधित विशेषताएं निम्नलिखित है— 1. शारीरिक विकास ( physical Development):—किशोरावस्था को शारीरिक विकास का सर्वश्रेष्ठ काल माना जाता है। इस काल में किशोर किस शरीर में अनेक महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं जैसे—धार और लंबाई तीव्र वृद्धि मांस पेशियों और शारीरिक ढांचे में दृढ़ता   किशोर में दाढ़ी और मूंछ की रंग वालियों दाढ़ी और मूंछ की रोमलियो एवं किशोरियों में प्रथम मासिक स्राव  के दर्शन ।     कोलेसनिक  ( Kolesnik) कथन है—“किशोरों और किश...